66 साल हो गये आज़ादी के आज | और हम लोगो में आज भी वो आज़ादी नहीं हैं जिसके लिए हम लोग आज़ाद हुए थे आज से 66 साल पहले. 15 अगस्त 1947 से लेकर आज 15 अगस्त 2013 तक हमारे देश को जिस आज़ादी की उम्मीद थी वो ना मिली, जो लोग देश की आज़ादी के लिए अपनी जान देके गये थे उन लोगो ने देश में वो आज़ादी देखी थी जो आज हम लोगो में नहीं हैं |
सबसे पहली आज़ादी ये थी की सब लोगो को देश के संविधान के मुताबिक़ देश के हर नागरिक को उसके अधिकारों का ज्ञान हो. जो इस देश के संविधान में हर नागरिक के लिए लिखे गये मूल कर्तव्य थे.उन सभी कर्तव्यों का पलान हर एक नागरिक को करना था, देश की सरकारों का ये काम था की वो सभी को उनके अधिकारों के बारें में संपूर्ण ज्ञान दे सकें जिससे देश का हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझता और देश के विकास में सहयोग दे सकता|
लेकिन हमारे देश की सरकारों ने देश के नागरिको को अधिकार का ज्ञान तो क्या शिक्षा से ही वंचित कर दिया. स्वामी विवेकनन्द ने भी कहा हैं की ज्ञान ही सब कुछ होता हैं, ज्ञान के कारण ही वो विदेशो में जाके अपने देश का झंडा ऊचा कर पाएं थे |
लेकिन आज देश की स्तिथी ऐसी बनी हुई हैं की देश में अच्छे शिक्षको की कमी हैं जिसके कारण देश के स्कूलों का बुरे से बुरा हाल हैं.. ख़ास तौर पे सरकारी स्कूलों का.जहाँ गरीब बच्चो को शिक्षा देने का दावा करने वाली सरकारें बच्चो के उज्वल भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं. और दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूलों में बच्चो को दाखिले तक के लिए भी लाखो में फीस देनी पड़ जाती हैं. शिक्षा का अधिकार ही हमारे देश में नहीं हो पाया पूरा.तो बाकी अधिकारों का ज्ञान हमारे देश के नेता लोग कैसे दे पायंगे ?
शिक्षा का अधिकार ही सर्वप्रथम होना चाहिए | जिससे हमारे देश के बच्चे अपने अधिकारों को समझे और देश के विकास में योगदान करें.शिक्षा के अधिकार से और भी ज्यादा जरुरी हैं बच्चो के खान पान का ध्यान. उनको रोटी कपडा और मकान मुहैया करवाना | और ये सब कारण हैं गरीबी के. हमारा देश पूरे विशव में सबसे ज्यादा गेहू की पैदावार करता हैं और उसी देश में हज़ारो लोग भूक से मर जाक्तें हैं |
जब तक देश के लोगो को अन्न मिलता रहेगा ताभी तो वो आगे अपने विकास का सोचेंगे, और अगर हर परिवार का विकास होगा तो ही देश का विकास होगा. हमारे देश की सरकार जो पिछड़ी जातियों के लिए रिजर्वेशन के नाम पे देश को बाँट रखा हैं सिर्फ और सिर्फ अपने वोटो के लिए. रिजर्वेशन देना चाहिए सिर्फ उन लोगो को जिनको उनकी आवश्यकता हैं|
और रिजर्वेशन सिर्फ एक बार ही एक पिछड़ी जाती हो या अन्य जन जाति जिसको भी फायदा मिले तो एक बार ही मिले| हमारे संविधान में रिजर्वेशन सिर्फ उन लोगो के लिए ही लिखा गया था जिनके पास धन की कमी हो| जो गरीबी में अपना जीवन व्यतीत किया हो, और एक बार रिजर्वेशन का फायदा लेने के बाद अपने परिवार को गरीबिसे मुक्त करवा सकें| लेकिन जो रिजर्वेशन का फायदा भी ले चूका हैं वो आज लालच में आके अपने बच्चो को अच्छी जगह शिक्षा दिलवाने की बजाए उनको भी रिजर्वेशन का दुरूपयोग करवा रहा हैं.
हमारे देश के नागरिको को ये खुद ही समझना होगा की मेहनत ही सब कुछ हैं. ये सरकार में बैठे कुछ लोग धर्म और जाति के नाम पर आज देश की शिक्षा को भी बाँट चुके हैं. आखिर हम लोग क्यों मन रहे हैं इस आज़ादी को?
क्यों हर जगह तिरंगा फैला रहे हैं ?
जब देश की जनता को उनके मूल कर्तव्यो उनके अधिकारों का ही ज्ञान नहीं मिल रहा|सचाई तो ये हैं की सरकारें डरती हैं की अगर देश की जनता को उनके अधिकारों का ज्ञान मिल गया तो उनके लिए पैसा कमाना , भ्रष्टाचार , घोटाले, अपने स्वार्थ के लिए देश के लोगो को लूटना, धर्म के नाम पे लोगो को बेवकूफ बनाना बंद हो जायेगा|
और ये देश आज उस तरकी पे पहुच जायेगा जिसके लिए हमारे देश के वीरो ने देश को आज़ादी दिलवाई थी, तभी हो पायंगे हम आज़ाद. सरदार वलभ भाई पटेल ने देश के 524 रजवाडो रियासतों को एक माल में पिरो के भारत जैसा देश बनाया.. और उसके बाद आने वाली सरकारों ने आज इसको फिर से खंडित करने की कगार पे ला खड़ा किया हैं|
हम सब लोगो को अपनी जिम्मेदारी खुद ही समझनी होगी| जो लोग देश के अधिकारों को जानते हैं वो दूसरो को भी समझाएं| देश के गरीब बच्चो को मुफ्त में शिक्षा देके उन लोगो को अच्छा इंसान बनाये| उन को मेहनत का फायदा बतये ना की रिजर्वेशन से कम मेहनत की ओर उनका ध्यान डुबाएं|
देश की सरकार हो या आम आदमी, जो भी व्यक्ति ये काबिलियत रखता हैं की वो 2 पैसा ज्यादा कमाता हैं, तो वो उन गरीब बच्चो की शिक्षा का दायित्व ले | ओर जो लोग रिजर्वेशन का उसे करके अपना फायदा ले चुके हैं वो दोबारा उसका फायदा अपने बच्चो के लिए ना उठये बल्कि दुसरे गरीब लोग जिनका अधिकार बनता हैं उनको रिजर्वेशन दे.
भारत को हम सब लोगो ने मिलके उठाना हैं ना की अलग अलग धर्म ओर जातियों में खुद को बाँट कर,
जय हिन्द,
जय जवान, जय किसान |

