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कैसे करें घोटाला ?

“घोटाला” नाम सुनने की आदत सी हो गयी हैं हम भारतीयों को.अब कर भी क्या सकते हैं हम लोग.जब देश में इतने चोर बढ गये हैं जो हमारे देश की जनता का पैसा हड़पते जा रहे हैं,और हम सब खबरें सुनकर मुंह लटका लेते हैं या फिर “हे भगवन इतना बड़ा घोटाला” कह के या फिर “दो-चार गालिया” सुनाकर चुप हो जाते हैं.इसके अलावा मीडिया में 2 दिन बार बार वो ही खबर सुनकर बोर हो जाते हैं|

इस देश में कुछ भ्रष्टाचारी लोग इस देश की आम जनता को इस तरह लूट रहे हैं जैसे मरते वक़्त भी पैसा साथ लेके जाएंगे.पैसो की भूख ने इतना तडपा रखा हैं गरीबो को मुफ्त अनाज की बजाय उनसे भी टैक्स वसूल करते हैं.घोटाला पैदा होने की वजह यही हैं मेरे दोस्तों “पैसो की भूख”.
बचपन में अगर कोई गलती छुपाते थे तो मैडम बोला करती की कुछ तो गड़बड़ घोटाला हैं,बड़े होते ही ये  गड़बड़ घोटाला इतनी बड़ी चीज़ होती हैं इसकी तो परिभाषा ही बदल दी इन चोरो ने.घोटालो में तो देश के इन गद्दार लोगो ने पी.एच.डी कर रखी हैं.नेता,बिज़नस मैन,ठेकेदार और यहाँ तक के आयोजन करने वाले लोग सब के सब इन घोटालो में बड-चड़कर हिस्सा लेते आये हैं.इन लोगो को अपना पेट भरना हैं,आम जनता के पैसो से.घोटाले की शुरुआत एक आदमी की घटिया सोच से ही शुरू होती हैं,और ये सोच ख़तम होते होते 100 लोगो की सोच को घटिया बना देती हैं.उनको अपने चंगुल में फसा लेती हैं.अब क्या करें दोस्तों ये देश की परंपरा ही ऐसी हैं.छोटो से प्यार और बड़ो का आदर सत्कार.
एक बड़ा इंसान जो घोटाले की नीव रखता हैं उसको अपने छोटो से प्यार भी करना हैं.उनको भी अपने जैसा बनाना हैं.उनका मुंह बंद करवाना हैं तो पैसे खिलाने पड़ते हैं.और दूसरी तरफ जहाँ बड़ो की आदर की बात आती हैं तो छोटे लोग अपना मुंह बंद करके करते ही हैं साथ ही साथ में आम जनता को लूटते हैं.ये तो था घोटाले की शुरुआत करने का मुख्य भाग.अब ज़रा देश में घोटालो पे भी ध्यान दे लो.एक ज़माना था जब 2-३ लाख के घोटाले हुआ करते थे.अब वो दिन कहाँ?
अब इन घोटालो की पहुँच तो इतनी हो गयी हैं जिसमे हमारी 7 पुश्तो का भी टोटल किया जाये..खाना पढाई और सब कुछ.तब भी इन घोटालो की कीमत बहुत ज्यादा होगी.लेकिन यहाँ टोह एक इंसान ही खा जाता हैं इतना और अपने चमचो के साथ.इस देश में तो घोटालो में आगे बड़ने की प्रतियोगिता सी चल रही हैं.कुछ घोटालो में तो देश की सुरक्षा से खिलवाड़ हुआ,कुछ में आम जनता से.और एक में तो जानवरों के चारे को लेके घोटाला हुआ.सबसे पहेल देश की सुरक्षा को लेके बात की जाये तो हमारे देश के नेताओ ने इसमें विदेशी चोरो की भी मदद की.और इन नेताओ पे कोई केस ही नही हुआ.इसमें देश की सुरक्षा में जो तोपे खरीदी गयी उसमे करीब 1.42 करोड़ डालर की दलाली हुई.एक सीबीआई के पूर्व निदेशक ने इस केस को सुलझा लिया था.लेकिन उनके हटने के बाद सीबीआई ने इस केस में गद्दार चोरो को बचाने के लिए पूरा केस किसी और दिशा में मोड़ दिया.इसे कहते हैं “बोफोर्स” घोटाला.ये टोह थी दलाली की बात.अभी टोह देश के अंदर के घोटालो की भी बात करेंगे.जिसमे हमरे देश के नेताओ ने इतनी बड़ी डिग्री हासिल की हैं आप पूछिए मत..ये घोटाला हैं “चारा घोटाला” जिसको बिहार के मुख्यमंत्रियों से लेकर विपक्ष तक के लोगो ने खाया.ये घोटाला तो बहुत वर्षो से चला आ रहा था.इस घोटाले में सरकारी खजाने से पैसा खा कर अपने मंत्रियो अफसरों में बांटा गया.जो पैसा पशुओ के पालन के लिए था वो पैसा ये भूखे चोर खा गये.ये घोटाला तो सामने आया 1995 में.इस घोटाले की शुरुआत 1-2 करोड़ से होकर 360 करोड़ तक पहुँच गयी.लेकिन इतने सालो से जो चला आ रहा था ये घोटाला टोह इसकी कीमत 5000 करोड़ तक आंकी जा सकती हैं.अब तक किसी को सजा नही मिली.
इस घोटाले के बाद हमारे देश में एच.डी. डब्ल्यू सबमरीन,स्टॉक मार्केट,एयरबस,दूर संचार,यूरिया,सी.आर.बी.,स्टंप पेपर ,सत्यम,मनी लांडरिंग,जैसे इतने घोटाले हुए हैं की पूछो मत.इसके बाद हमरे देश में खेल के आयोजन को लेके भी घोटाला हुआ.कॉमनवेअल्थ गेम के आयोजन के घोटाले ने पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दी.इसमें हामरे चोर लोगो का मकसद यही था की कॉमन वेअल्थ में कॉमन जनता की कॉमन कमाई को लूट लेना.28000 करोड़ तक निगल गये कुछ लोग.इसमें चाय काफी से लेकर स्टेडियम तक में हर सामान में धांधली हुई.कर्मचारियों ने विदेशी यात्राओ का फ्री में मज़ा किया..और ना जाने क्या क्या किया.सारा पैसा जनता का था.अभी तोह ये सफर थमा नही था के अचानक एक और घोटाला सामने आया जो इन सब घोटालो का बाप निकला.वो था 2G घोटाला.जिस तरह देश में सरकारी कर्मचारियों की आय में वृद्धि हुई उसी तरह घोटालो की कीमतों में भी वृद्धि हुई.ये घोटाला था 1,76000 करोड़ का घोटाला.इतनी जेरो तो हमने और आपने स्कूल टाइम में भी नहीं पढ़ी होंगी.चोरो को पकड़ा भी गया और अब आज़ादी भी मिल गयी हैं.ये घोटाला ख़तम नही हुआ था की अचानक फिर से देश के शहीदों के साथ धोकेबाज़ी हुई.”आदर्श सोसाइटी” घोटाला.आदर्श सोसाइटी में रहेंगे देश के चोर.यहाँ पर भी राजनीति करने वाले और खुद सेना में शामिल लोगो ने अपने रिश्तेदारों को इस सोसाइटी के फ्लेटो को बाँट दिया और मुनाफा कमाया.अभी तो ये दौर जारी ही रहेगा.घोटालो को तो इन देश के गद्दार लोगो ने इस तरह बनाया हुआ हैं जैसे इसकी कोई प्रतियोगिता चल रही हो.अब तक तो छोटे लोग ही ते घोटालो में.अब हमरे देश के प्रधान मंत्री  भी घोटालेबाज हो गये.अभी इन पर कैग की रिपोर्ट ने आरोप लगाया हैं 2G घोटाले से भी बड़े घोटाले का.1,86000 करोड़ का नुक्सान हुआ हैं देश में. जब प्रधान मंत्री से सवाल किया गया तोह वो शायराना अंदाज़ में एक शेर मार गये की हज़ारो सवालों का जवाब देने से अच्हा हैं की मैं चुप रहू. अब देश का प्रधानमंत्री देश के लोगो के सवालों के जवाब न दे तो कौन देगा? और अब तक इन सब घोटालो का टोटल करके जितना बनता हैं उससे भी कहीं ज्यादा एक नया घोटाला आया हैं जिसको अभी एक अखबार द स्टेट्समैन अखबार ने एक विशेष लेख प्रकाशित किया है जिसमें 44 लाख करोड़ रुपये के थोरियम की चोरी का जिक्र है। थोरियम एक बेहद बेशकीमती पदार्थ है जिसका प्रयोग परमाणु कार्यक्रमों में होता है। इस लेख के मुताबिक भारत के समुद्री किनारों से लगभग 44 लाख करोड़ रुपये का थोरियम गायब है।
चलो हमारे देश का नाम इस एरिया में भी हो रहा हैं.लेकिन नाम तो भारत का ही बदनाम हैं इन घटिया लोगो की वजह से.कुछ सालो बाद आपको techniques और टिप्स भी मिलेंगे जैसे उनके शीर्षक होंगे.
“आओ घोटाला करें” “10 स्टेप्स में बनिए घोटाले बाज़” “हम घोटाला कर चुके भारत सनम” आखिर में आप लोगो से यही विनती करें की ऐसे घटिया लोगो को वोट न दे.और जल्दी से जल्दी इन लूटेरे लोगो को फ़ासी की सजा दिलाई जायें.जो भी लोग इन केस में आरोपी बनाये जा चुके हैं.
जय हिंद,
जय भारत,
आपका दोस्त,
अंकित आर्य

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